ड्रैगन के पास हो जाएंगे 1000 परमाणु बम, चीन परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा: रिपोर्ट

बीजिंग
 चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों को बढ़ा रहा है और अगले छह साल में इनकी संख्या एक हजार को पार कर जाएगी। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। अमेरिकी एजेंसी की 'परमाणु चुनौतियां: रणनीतिक प्रतिस्पर्धियों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बढ़ती क्षमताएं' शीर्षक से आई इस रिपोर्ट कहा गया है कि चीन नई परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा है। इसमें परमाणु मिसाइल साइलो का सबसे बड़ा निर्माण भी शामिल है।

द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं और सुरक्षा हित के लिए परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा हैं। चीन जिन हथियारों पर काम कर रहा है, उनमें न्यूक्लियर मिसाइलों पर खास ध्यान है। इसमें ग्राउंडमोबाइल, पनडुब्बी-प्रक्षेपित हथियार: परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (एचजीवी) क्षमताएं शामिल हैं।

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चीन के परमाणु हथियार चिंता का सबब

रिपोर्ट कहती है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियार भंडार का विस्तार कर रहा है। ये अगले दशक में यथास्थिति को अस्थिर करने की क्षमता रखता है क्योंकि यह नई प्रणालियों के उपयोग के लिए अवधारणाओं को विकसित करता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, चीन का अनुमानित परमाणु हथियार भंडार 2030 तकदोगुना होने की उम्मीद है। बीजिंग के परमाणु भंडार में फिलहाल 500 से ज्यादा परिचालन परमाणु हथियार हैं।

रिपोर्ट में अनुमान जाहिर किया गया है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परिचालन परमाणु हथियार होंगे, जिनमें से अधिकांश महाद्वीपीय अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम प्रणालियों पर तैनात किए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने शस्त्रागार में आईसीबीएम-रेंज परमाणु-सशस्त्र एचजीवी सहित पूरी तरह से नई परमाणु क्षमताओं को पेश करने के लिए भी काम कर रहा है, जिनमें से कुछ को निकट भविष्य में मैदान में उतारा जाएगा, अगर पहले से ही मैदान में नहीं उतारा गया है।

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किस देश के पास कितने परमाणु हथियार

स्वीडिश थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी (SIPRI) की इस साल जून में आई रिपोर्ट में चीन के पास 500 न्यूक्लियर वॉरहेड होने की बात कही गई थी। जनवरी 2023 में चीन के पास 410 न्यूक्लियर वॉरहेड का जखीरा था लेकिन एक साल यानी जनवरी 2024 तक इनकी संख्या 500 हो गई। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल लगातार अपने परमाणु हथियार भंडारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

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रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2024 में पूरी दुनिया में 12,221 वॉरहेड थे। इनमें से 9585 संभावित इस्तेमाल के लिए हथियार भंडार में रखे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और अमेरिका के पास दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का 90 फीसदी स्टॉक है। दोनों के परमाणु हथियारों की संख्या पांच-पांच हजार के ऊपर हैं। रूस और अमेरिका के बाद चीन का नंबर आता है। हालांकि रूस और अमेरिका की तुलना में चीन के हथियारों का भंडार काफी छोटा है।

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